JCB पर सवार होकर चला दूल्हा, बिन बुलाए मेहमान की तरह पहुँची पुलिस, फिर जो हुआ देखने वाला था
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घोड़ी छोड़ JCB पर सवार होकर चला दूल्हा, बिन बुलाए मेहमान की तरह पहुँची पुलिस, फिर जो हुआ देखने वाला था
घोड़ी छोड़ JCB पर सवार होकर चला दूल्हा, बिन बुलाए मेहमान की तरह पहुँची पुलिस, फिर जो हुआ देखने वाला था
Ranchi Groom on jcb: सोशल मीडिया पर एक दूल्हा वायरल हो रहा है जिसने शादी में जाने के लिए जो तरकीब लड़ाई उसने उसे जमाने में मशहूर कर दिया।
जेसीबी पर दुल्हन को विदा करा कर लाया दूल्हा
जेसीबी पर दुल्हन को विदा करा कर लाया दूल्हा
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GOPAL SHUKLA
(अपडेटेड: 15 जून 2023 16:20 IST)
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Ranchi Groom on jcb: अक्सर दूल्हे को हम पालकी में, घोड़ी पर, कार पर या फिर बग्घी पर सवार होकर बारात लेकर जाते हुए देखते हैं। कुछ लोग अपनी शादी को यादगार बनाने की गरज से कुछ ऐसी सवारी का इस्तेमाल करते दिखाई देते हैं जिसकी चर्चा हर तरफ होती रहती है। जैसे कभी कभी दूल्हे ट्रेक्टर पर, बैलगाड़ी पर या फिर हेलिकॉप्टर पर सवार होकर दुल्हन को ब्याहने निकल पड़ते हैं। लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसा दूल्हा वायरल हो रहा है जो अपनी दुल्हन को जब ब्याहने निकला तो शहर के साथ साथ सोशल मीडिया पर हंगामा मच गय
रांची में दिखा जेसीबी पर दूल्हा
JCB पर सवार होकर चला दूल्हा
पालकी पर होकर सवार चली रे, मैं तो अपने साजन के द्वार चली रे वाली इस कहावत को उस दूल्हे ने नकार दिया जो शादी करने जेसीबी मशीन पर सवार होकर ससुराल पहुँचा और दुल्हन को जेसीबी मशीन पर बिठाकर विदा कराकर लाया।
जेसीबी मशीन पर बैठकर रांची में दूल्हा पहुँचा शादी करने
शादी को यादगार बनाने की गरज
ये किस्सा झारखंड के रांची का है। यहां टाटीखिलने गांव में कृष्णा महतो की शादी होनी थी। फूलों का कारोबार करने वाला कृष्णा महतो ने अपनी शादी को यादगार बनाने की गरज से कुछ अलग करने की सोची और एक जेसीबी मशीन किराए पर ली और उसे फूलों से ठीक वैसे ही सजाया जैसा कि आमतौर पर शादी ब्याह में गाड़ियों या बसों को सजाया जाता है। और फिर उस जेसीबी मशीन पर सवार होकर वो बारात लेकर दुल्हन ब्याहने निकल पड़ा। अपनी शादी को यादगार बनाने के चक्कर में कृष्णा महतो ये भी भूल गया कि उसकी ये हरकत गैरकानूनी भी हो सकती है और उसका चालान भी कट सकता है।
जेसीबी पर आए दूल्हे को देखने के लिए सारा गांव इकट्ठा हो गया
जब पुलिस पहुँची बिन बुलाए मेहमान की तरह
कृष्णा अपनी जेसीबी को फूलों से सजाकर चतरा बस्ती में रहने वाले बुधराम महतो की बेटी आरती से शादी करने पहुँचा। जैसे ही कृष्णा अपनी बारात लेकर ससुराल पहुँचा तो हर तरह शोर मच गया। दूर दूर से दूल्हे और उसकी सजी हुई जेसीबी को देखने के लिए लोग पहुँचने लगे। इसी बीच किसी ने इसकी इत्तेला पुलिस को दे दी।
जेसीबी पर दूल्हा दुल्हन की विदाई
बारात के विदा होने से पहले पुलिस भी वहां बिन बुलाए मेहमान की तरह पहुँच गई और कृष्णा महतो का चालान काट दिया। बात दूल्हे और उसकी इज्जत की थी इसलिए चालान काटने की रस्म अदायगी के बाद दुल्हन जेसीबी पर बैठकर ही विदा हुई।
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गाजियाबाद में स्पा सेंटर की आड़ में जिस्मफरोशी, भारी मात्रा में कंडोम व आपत्तिजनक सामग्री बरामद
UP Massage Parlor Raid: स्पा सेंटर में आपत्तिजनक हालत में मिले 4 युवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया। स्पा सेंटर में पुलिस को कई आपत्ति जनक सामान भी मिले हैं।
जांच में जुटी पुलिस
सांकेतिक तस्वीर
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TANSEEM HAIDER
(अपडेटेड: 15 जून 2023 15:20 IST)
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UP Massage Parlor Raid: गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में एक स्पा सेंटर में जिस्मफरोशी का धंधा चल रहा था। स्पा की आड़ में काले कारोबार की सूचना पर पुलिस ने छापेमारी की और यहां से 7 महिलाओं को रेस्क्यू कर 4 अन्य युवकों को भी हिरासत में लिया गया है। स्पा सेंटर चलाने वाले स्पा के मालिकों को भी पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार स्पा सेंटर के 2 मालिकों के खिलाफ इम्मोरल ह्यूमन ट्रैफिकिंग प्रीवेंशन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है।
स्पा सेंटर में जिस्मफरोशी का धंधा
इंदिरापुरम थाना के नीति खंड इलाके में मौजूद जयपुरिया मार्केट में स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार का काला धंधा चलाया जा रहा था। पुलिस ने यहां पाखी नामक स्पा सेंटर पर छापेमारी की कार्यवाही करते हुए स्पा सेंटर के दो मालिकों को हिरासत में लिया है। स्पा सेंटर से छापेमारी कर 7 महिलाओं को रेस्क्यू किया गया है। एसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि इस स्पा सेंटर में देह व्यापार का अवैध काम चल रहा था और महिलाओं को जबरन देह व्यापार में धकेला गया था।
इम्मोरल ह्यूमन ट्रैफिकिंग प्रीवेंशन एक्ट के तहत मुकदमा
स्पा सेंटर में आपत्तिजनक हालत में मिले 4 युवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया। स्पा सेंटर में पुलिस को कई आपत्ति जनक सामान भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार स्पा सेंटर के 2 मालिकों के खिलाफ इम्मोरल ह्यूमन ट्रैफिकिंग प्रीवेंशन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है। साथ ही स्पा सेंटर के नाम पर देह व्यापार का गोरख धंधा कब से चलाया जा रहा था पुलिस इस को विवेचना में शामिल करने की बात भी करती नजर आ रही है।
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बृजभूषण को POCSO केस में क्यों मिली क्लीन चिट? दिल्ली पुलिस ने बताई ये वजह
Brij Bhushan Sharan Singh: नाबालिग पहलवान से यौन शोषण मामले में बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली पुलिस ने बरी कर दिया है.
Brij Bhushan Sharan Singh
Brij Bhushan Sharan Singh
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PRIVESH PANDEY
(अपडेटेड: 15 जून 2023 14:55 IST)
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Brij Bhushan Sharan Singh: नाबालिग पहलवान से यौन शोषण मामले में बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली पुलिस ने बरी कर दिया है. दिल्ली पुलिस ने पटियाला कोर्ट में 550 पन्नों की रद्द करने की रिपोर्ट दायर की, जिसमें यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत दर्ज मामलों को हटाने की सिफारिश की गई है.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक सात पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों के आधार पर बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दो मामले दर्ज किए गए थे. गुरुवार को दो कोर्ट में चार्जशीट पेश की गई. एक चार्जशीट छह वयस्क महिला पहलवानों की शिकायत के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायालय में दायर की गई थी, जबकि दूसरी चार्जशीट नाबालिग की शिकायत के आधार पर पटियाला कोर्ट में दायर की गई थी. नाबालिग द्वारा लगाए गए आरोपों से बृजभूषण सिंह को दिल्ली पुलिस ने बरी कर दिया है.
अपनी 550 पन्नों की रिपोर्ट में, दिल्ली पुलिस ने कहा कि POCSO अधिनियम के तहत आरोपों का समर्थन करने के लिए कोई सबूत नहीं मिला. इसके अलावा, पुलिस ने कहा कि POCSO मामले की गहन जांच के बाद और शिकायतकर्ता के पिता और स्वयं शिकायतकर्ता के बयानों के आधार पर, इस मामले में रद्द करने की रिपोर्ट दायर की गई थी. नतीजतन, पुलिस ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ POCSO अधिनियम के तहत दर्ज मामले को हटाने की सिफारिश की.
21 अप्रैल को सात महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दिल्ली पुलिस में यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई. दिल्ली पुलिस ने 28 अप्रैल को उसके खिलाफ दो मामले दर्ज किए. पहला मामला छह वयस्क महिला पहलवानों की शिकायत पर था, जबकि दूसरा मामला नाबालिग की शिकायत के आधार पर POCSO अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था.
नाबालिग महिला पहलवान ने अपने शुरुआती बयान में बृजभूषण सिंह पर यौन शोषण का आरोप लगाया था. हालांकि, बाद में उन्होंने अपना बयान बदल दिया और रेसलिंग फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष पर भेदभाव का आरोप लगाया. अपने दूसरे बयान में, नाबालिग पहलवान ने यौन उत्पीड़न के अपने आरोपों को यह कहते हुए वापस ले लिया कि उसकी कड़ी मेहनत के बावजूद उसका चयन नहीं किया गया और वह अवसाद की स्थिति में थी। इसलिए उसने गुस्से में आकर यौन शोषण का मामला दर्ज कराया था.
6 महिला पहलवानों की शिकायतों के जवाब में चार्जशीट दाखिल
दिल्ली पुलिस ने छह वयस्क महिला पहलवानों की शिकायतों के आधार पर राउज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दायर की है. पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ धारा 354, 354-ए और डी के तहत आरोप दर्ज किया है। आइए जानें कि इन धाराओं के तहत क्या सजा दी जाती है.
आईपीसी की धारा 354
यदि कोई जानबूझकर किसी महिला पर हमला करता है या उस पर आपराधिक बल का प्रयोग उसकी लज्जा भंग करने या उसकी गरिमा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से करता है, या गलत इरादे से उसकी इच्छा के विरुद्ध बल प्रयोग करता है.
सजा: अगर आरोपी इस धारा के तहत दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें न्यूनतम एक साल की सजा और अधिकतम पांच साल की कैद या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.
गैर-जमानती अपराध: इस धारा के तहत अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती है, जिसका अर्थ है कि मजिस्ट्रेट अदालत मामले पर विचार कर सकती है और अभियोजन पक्ष और शिकायतकर्ता दोनों की दलीलें सुनने के बाद जमानत दे सकती है.
आईपीसी की धारा 354-ए
यदि कोई व्यक्ति अवांछित शारीरिक संपर्क बनाता है या यौन संभोग के प्रस्ताव को आगे बढ़ाता है या महिला की सहमति के बिना यौन अनुग्रह की मांग या अनुरोध करता है, या अश्लील सामग्री प्रदर्शित करता है या उसके प्रति यौन रंगीन टिप्पणी करता है।
सजा: यदि आरोपी इस धारा की उपधारा (1)(i) या (ii) या (iii) के तहत दोषी पाया जाता है, तो उसे कठोर कारावास की सजा दी जा सकती है, जिसे तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माना, या दोनों. यदि आरोपी इस धारा की उपधारा (1)(iv) के तहत दोषी पाया जाता है, तो उसे कारावास की सजा दी जा सकती है, जिसे एक वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माना, या दोनों.
जमानती अपराध: यह अपराध संज्ञेय लेकिन जमानती है, जिसका अर्थ है कि शिकायत मिलने पर पुलिस को शिकायत दर्ज करनी होगी, लेकिन आरोपी पुलिस स्टेशन से ही जमानत प्राप्त कर सकता है.
आईपीसी की धारा 354-डी
यदि कोई पुरुष किसी महिला का पीछा करता है, उसके स्पष्ट इनकार के बावजूद या उसकी स्पष्ट इच्छाओं के विरुद्ध उससे संपर्क करने का प्रयास करता है, या इंटरनेट, ईमेल या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक संचार के माध्यम से उसकी निगरानी करता है, तो उसे पीछा करने का दोषी माना जा सकता है.
सजा: यदि अभियुक्त पहली बार दोषी पाया जाता है, तो उसे साधारण कारावास की सजा दी जा सकती है जिसे तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है या जुर्माना, या दोनों. बाद के अपराध या कई अपराधों के मामले में, उन्हें साधारण कारावास की सजा सुनाई जा सकती है जिसे पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है या जुर्माना लगाया जा सकता है.
जमानती और गैर जमानती अपराध: अगर कोई व्यक्ति इस धारा के तहत पहली बार दोषी पाया जाता है तो उसे जमानत दी जा सकती है. हालाँकि, यदि वे बार-बार अपराध करते हैं, तो यह एक गैर-जमानती अपराध बन जाता है.
टूर्नामेंट के फोटो और वीडियो, मैच के दौरान पहलवान जहां रूकीं थीं, उन जगहों की सीसीटीवी फुटेज आदि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। इस सिलसिले में पुलिस के हाथ अहम सबूत लगे थे।
विशेष जांच दल ने 180 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की है। पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश के गोंडा स्थित भाजपा सांसद बृजभूषण के आवास पर भी गई थी, जहां उसने सांसद के रिश्तेदारों, सहकर्मियों, घरेलू कर्मचारियों और उनके सहयोगियों का बयान दर्ज किया था।
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